देहरादून- राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा (NOPRUF), उत्तराखंड की प्रदेश स्तरीय बैठक मंगलवार को आयोजित की गई। बैठक में संगठन की आगामी रणनीति, संगठन विस्तार तथा पुरानी पेंशन बहाली आंदोलन को और अधिक प्रभावी बनाने के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष बी.पी. सिंह रावत ने की। इस अवसर पर प्रदेश प्रभारी विक्रम सिंह रावत, प्रदेश अध्यक्ष मनोज अवस्थी, प्रदेश महासचिव सीता राम पोखरियाल, कुमाऊँ मंडल संयोजक श्री अन्नू पुजारी सहित प्रदेश एवं मंडल स्तर के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि अगस्त माह के द्वितीय सप्ताह में प्रदेशभर में मंडलीय एवं जिला स्तरीय बैठकें आयोजित की जाएंगी, जिनमें कर्मचारियों को पुरानी पेंशन बहाली आंदोलन की आगामी रणनीति से अवगत कराया जाएगा। इसके साथ ही सितंबर माह के प्रथम सप्ताह में कुमाऊँ मंडल में एक विशाल कर्मचारी रैली आयोजित की जाएगी, जिसमें प्रदेशभर से अधिकारी, शिक्षक एवं कर्मचारियों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि प्रत्येक वर्ष की भाँति 01 अक्टूबर को पूरे प्रदेश में ‘काला दिवस’ मनाया जाएगा। 01 अक्टूबर 2005 को उत्तराखंड सरकार द्वारा कर्मचारियों पर पुरानी पेंशन योजना (OPS) समाप्त कर नई पेंशन योजना (NPS) लागू किए जाने के विरोध स्वरूप 01 अक्टूबर 2026 को पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर मुख्यमंत्री आवास कूच किया जाएगा। इस आंदोलन में प्रदेशभर से हजारों अधिकारी, शिक्षक एवं कर्मचारी प्रतिभाग करेंगे। संगठन ने सभी जिला एवं मंडलीय इकाइयों से अभी से व्यापक स्तर पर तैयारियाँ प्रारंभ करने का आह्वान किया।
बैठक में संगठन के विस्तार को और अधिक मजबूती प्रदान करते हुए केदार फर्स्वाण को प्रदेश उपाध्यक्ष मनोनीत किए जाने की घोषणा भी की गई। उपस्थित पदाधिकारियों ने उन्हें शुभकामनाएँ देते हुए संगठन के प्रति पूर्ण निष्ठा एवं समर्पण के साथ कार्य करने का विश्वास व्यक्त किया।
बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष बी.पी. सिंह रावत ने कहा, “पुरानी पेंशन बहाली कर्मचारियों का न्यायोचित अधिकार है। संगठन इस अधिकार की प्राप्ति तक लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष जारी रखेगा। आगामी सभी कार्यक्रम कर्मचारियों की एकजुटता का परिचायक होंगे।”
प्रदेश प्रभारी विक्रम सिंह रावत ने कहा, “संगठनात्मक मजबूती हमारी सबसे बड़ी शक्ति है। अगस्त की बैठकों, सितंबर की विशाल रैली तथा 01 अक्टूबर के कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए प्रत्येक इकाई को सक्रिय भूमिका निभानी होगी।”
प्रदेश अध्यक्ष श्री मनोज अवस्थी ने कहा, “प्रदेश का प्रत्येक कर्मचारी पुरानी पेंशन बहाली के लिए प्रतिबद्ध है। सितंबर की कुमाऊँ रैली और 01 अक्टूबर को प्रस्तावित मुख्यमंत्री आवास कूच आंदोलन को निर्णायक दिशा देंगे। सभी पदाधिकारी अभी से जनसंपर्क और तैयारियों में जुट जाएँ।”
प्रदेश महासचिव सीता राम पोखरियाल ने कहा, “संगठन का विस्तार और कर्मचारियों की अधिकतम भागीदारी हमारी प्राथमिकता है। प्रत्येक जनपद एवं विकासखंड स्तर पर बैठकें आयोजित कर आंदोलन को और अधिक सशक्त बनाया जाएगा। 01 अक्टूबर का मुख्यमंत्री आवास कूच उत्तराखंड के अधिकारी, शिक्षक एवं कर्मचारियों की एकजुटता का ऐतिहासिक प्रदर्शन होगा और पुरानी पेंशन बहाली के संकल्प को नई ऊर्जा प्रदान करेगा।”
कुमाऊँ मंडल संयोजक अन्नू पुजारी ने कहा, “कुमाऊँ मंडल के कर्मचारी साथियों में भारी उत्साह है। सितंबर में प्रस्तावित विशाल रैली को ऐतिहासिक बनाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियाँ प्रारंभ कर दी गई हैं। सभी कर्मचारी साथियों की सहभागिता से यह आंदोलन और अधिक मजबूत होगा।”
बैठक के अंत में सभी पदाधिकारियों ने पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर आंदोलन को और अधिक प्रभावी बनाने तथा संगठन को प्रदेश के प्रत्येक अधिकारी, शिक्षक एवं कर्मचारी तक पहुँचाने का सामूहिक संकल्प लिया। साथ ही नवनियुक्त प्रदेश उपाध्यक्ष केदार फर्स्वाण का स्वागत करते हुए उनके सफल कार्यकाल की शुभकामनाएँ दी गईं।
